शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, 449 स्कूल एक्स्ट्रा फ़ीस वापस करे वरना सरकार स्कूल कब्ज़ा करेगी: केजरीवाल

दिल्ली सरकार की पहल का ही नतीजा है कि दिल्ली में माता पिता प्राइवेट स्कूल से अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में ट्रांसफर करने से किसी भी तरह हिचक नहीं
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शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है, या तो अभिवावक से लिए गए अतिरिक्त फीस को ये ४४९ प्राइवेट स्कूल वाले वापस करें या सरकार उन स्कूलों पर कब्ज़ा करेगी | जी हाँ ऐसा कहना है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का | मुख्यमंत्री ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा,

आज प्राइवेट स्कूल शिक्षा का एक अभिन्न अंग हैं लेकिन इस बाबत किसी को लूट खसोट नहीं करने दिया जाएगा|

केजरीवाल ने कुल ४४९ प्राइवेट स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा कि, इन स्कूलों ने जो भी अतिरिक्त पैसा बच्चों के अभिवावक से वसूला है वो उनको वापस करें अन्यथा इन स्कूलों को सरकार टेक ओवर यानी कब्जित कर लेगी | ज्ञात हो कि विगत कुछ वर्षों में प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे हैं जिनकी वजह से एक आम आदमी पर ख़ासा दबाव बनता जा रहा है | वही इस भेड़चाल कि दुनिया में लोगों कि आदत बनती जा रही है कि जिस स्कूल में जितनी ज्यादा फीस वहां मेरा बच्चा पढ़ेगा तो ज्यादा नाम होगा या बेहतर अनुभव उसको मिलेगा | जबकि ऐसा नहीं है | ज्ञात हो कि शिक्षा को लेके दिल्ली सरकार खासी सक्रियता के साथ काम कर रही है | हाल ही में आंगनवाड़ी कर्मियों का वेतन दोगुना करने कि दिल्ली सरकार कि मुहीम हो या सरकारी स्कूलों कि शिक्षा प्रणाली में हुए बदलाव हो | इस वर्ष सरकारी स्कूलों के दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम में भी भारी मात्रा में इज़ाफ़ा हुआ है जो कि एक बहुत बढ़िया पहल है | शायद दिल्ली सरकार की पहल का ही नतीजा है कि अब दिल्ली में कम से कम सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बीच कि खायी पटती नजर आ रही है और माता पिता प्राइवेट स्कूल से अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में ट्रांसफर करने से किसी भी तरह हिचक नहीं रहे हैं |