साइकिल न मिलने पर स० पा० के दोनों गुट का एक्शन प्लान

विधानसभा का पहले चरण का चुनाव तो बिलकुल सर पर है किन्तु अभी तक चुनाव चिन्ह सुनिश्चित ना होने के बाद मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों ही खेमों के लोग अपने अपने एक्शन प्लान बी पर काम करना शुरू कर चुके हैं |

साइकिल का निशान अभी तक न मिलने से लोगों में कौतुहल तो खुद समाजवादी पार्टी के दोनों खेमे में परेशानी साफ़ साफ़ चेहरे पर दिख रही है | इसी परेशानी से बाहर आने के लिए दोनों खेमों ने साइकिल का सिम्बल न मिलने की सूरत में एक्शन प्लान बी बना लिया है|

इस समय दोनों ही खेमों के बिच चुनौती ये है कि कम वक्त में कैसे नए सिम्बल को जनता से परिचित करवाएं और वोटरों को पारिवारिक कलह से खो न दे | विधानसभा का पहले चरण का चुनाव तो बिलकुल सर पर है किन्तु अभी तक चुनाव चिन्ह सुनिश्चित ना होने के बाद मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों ही खेमों के लोग अपने अपने एक्शन प्लान बी पर काम करना शुरू कर चुके हैं |

मुलायम खेमे का प्लान B

  • मुलायम खेमे के प्रत्याशी केवल मुलायम सिंह यादव के ख्याति , सांप्रदायिक ताकतों का विरोध और सपा सरकार के विकास के मुद्दे पर जोर देंगे |

  • रामगोपाल यादव के भाजपा में मिलीभगत का आरोप इस खेमें का प्रमुख हथियार होगा | इसके जरिये अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश होगी |

  • सपा मुखिया के तौर पर मुलायम सिंह यादव ने अपने प्रत्याशियों की सूचि जारी कर दी है | केवल नौ प्रत्याशी और घोषित किये जाने हैं | वैसे इस खेमे की पूरी उम्मीद है की साइकिल उन्हें ही मिलेगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो वैकल्पिक चुनाव चिन्ह के तौर लोकदल और उसके चिन्ह ‘हल जोतता किसान’ के सहारे प्रत्याशी मैदान में उतारे जाएंगे|

  • इस खेमे ने पहले चरण के चुनाव के लिए नए सिम्बल को तीन दिन में उन विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता को पहले से मुस्तैद कर दिया है | सोशल मीडिया के जरिये भी नए सिम्बल का प्रचार किया जाएगा |

अखिलेश खेमे का प्लान B

  • मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता व उनकी ब्रांडिंग इस खेमे का मुख्य चुनावी हथियार हैं | कांग्रेस से गठजोड़ इस खेमे को अतिरिक्त ताकत देगा | कांग्रेस से तालमेल उसकी सेक्युलर छवि को मजबूती देगा और भाजपा से मिलीभगत के आरोपों की तीव्रता कम होगी |

  • अखिलेश खेमे ने चुनावी घोषणा पत्र तैयार कर लिया है | झंडे बैनर पोस्टरों को अंतिम रूप दिया जा चुका है | सबमें अखिलेश यादव की तस्वीर है | तमाम जगह उनकी संसद पत्नी डिंपल यादव की भी तस्वीर है | बस चुनाव सिम्बल का इंतज़ार है | साइकिल नहीं मिली तो उसकी जगह नए सिम्बल की छपवा कर बांटने का काम शुरू करा दिया जाएगा |

  • अखिलेश खेमे ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत समाजवादी जनता पार्टी व उसके चुनाव चिन्ह ‘बरगद’ को लेकर तैयारी कर ली है | इसके अलावा इस खेमे को दूसरा निशान भी मिल सकता है |

Preeti Mishra
Preeti Mishra

Content Writer | Foodie | Motivator | Political Analyst