इन मुस्लिम युवाओं ने गाया ‘हिंदुस्तान’ पर ऐसा गीत कि, सबकी आँखें हो गयी नम

हम अब्दुल कलाम और इशांअल्लाह खान जैसे लोगों को कैसे भूल जाते हैं? मेरा दिल है मेरी जां है, मेरी आखों का तारा है, ये हिंदुस्तान

0
1750

 मेरा दिल है मेरी जां है, मेरी आखों का तारा है,

ये हिंदुस्तान , हिंदुस्तान ये हिंदुस्तान हमारा है

हिंदुस्तान ना सिर्फ देशवासियों के लिए एक देश का नाम बल्कि एक भावना है जिसका सम्मान बाकी सभी चीजों से पहले आता है |

‘हिन्दुस्तान’ – मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन , शान्ति का उन्नति का प्यार का चमन’

है ना?

जी हाँ, यूँ तो ये सिर्फ एक गाना है किन्तु भारतवर्ष में रहने वाले हर एक भारतीय के दिल वास्तव में यही पुकार हर वक़्त उठता है | फिर चाहे वो किसी भी धर्म या जाती से हो |

अक्सर भारत देश में हिन्दू मुसलमान के नाम पर कुछ चंद और बड़ी ही नीची सोच वाले लोग अपने अपने गट को आपस में लड़वाने में लगे रहते हैं| अफ़सोस की बात ये है कि ये दोनों ही पक्षों के बड़े नायक माने जाने वाले लोग होते हैं जो अक्सर देश में एक राजनितिक माहौल बनाने के चक्कर में हिन्दू मुसलमान को आपस में ही भड़काने का काम करते रहते हैं |

अच्छा होता जो वे इतनी ही मेहनत वास्तव में अपने अपने धर्म के लोगों को दूसरे धर्म का सम्मान करने के बारे में सोचवाने का काम करने में करते |

वास्तव में यह देश प्राचीन काल से ही ‘अनेकता में एकता’ वाला देश माना जाता रहा है और इसीलिए इसको विश्व गुरु का सम्मान मिला है| किन्तु आज का परिवेश देख कर लगता है कि हम देशवासी वास्तव में इस बात को भूल जाते हैं और इन चंद नेताओं की सोच की कठपुतली बन कर रह जाते हैं |

और फिर हम धर्म की वाहियात बात सोचने से पहले अब्दुल कलाम और इशांअल्लाह खान जैसे लोगों को कैसे भूल जाते हैं?

ऐसा सिर्फ एक नहीं बल्कि दोनों ही पक्ष में है कोई हिन्दू धर्म की रक्षा करते हुए दूसरे धर्म के लोगों से डरने की सलाह देता है तो कोई मुस्लिम धर्म की रक्षा करते हुए दूसरे धर्म के लोगों को अपने लिए ख़तरा बताते हुए मासूम लोगों को गुमराह करने की कोशिश करता है |

इतिहास गवाह है कि आज़ादी कि लड़ाई में किस तरह से मुसलमानों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था फिर ये चंद लोग जब हमको बाँटने कि बात करते हैं तो दिल में एक रुदन सा आ जाता है | और आज भी जब कोई बाहरी ताकत ऐसा करने की कोशिश करती है हम एकसाथ खड़े रहते हैं |

अभी बीते २६ जनवरी को कुछ मुस्लिम युवाओं ने अपने दिल की बात कुछ इस तरह लोगों के सामने रखी की सुनते ही बन रहा था|